श्रीविष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम् - Audio

रचयिता: व्यास महर्षि

श्रीश्रीश्री त्रिदंडि चिन्नश्रीमन्नारायण रामानुज जीयर स्वामीजी की दिव्य वाणी से

  •  Select All
  • पूर्व प्रार्थन
      1 - शुक्लांबरधरं  विष्णुं
  •   2 - यस्य  द्विरद
  •   3 - व्यासं  वसिष्ठनप्तारं
  •   4 - व्यासाय  विष्णुरूपाय
  •   5 - अविकाराय  शुद्थाय
  •   6 - यस्य  स्मरणमात्रेण
  • श्री वैशंपायन उवाच
      7 - श्रुत्वा  धर्मा
  • युधिष्ठिर उवाच
      8 - कि  मेकं
  •   9 - को  धर्म
  • श्री भीष्म उवाच
      10 - जगत्‌  प्रभुं
  •   11 - तमेव  चार्चय
  •   12 - अनादि  निधनं
  •   13 - ब्रह्मण्यं  सर्वधर्मङ्ञं
  •   14 - एष  मे
  •   15 - परमं  यो
  •   16 - पवित्राणं  पवित्रं
  •   17 - यत  स्सर्वाणि
  •   18 - तस्य  लोक
  •   19 - यानि  नामानि
  •   20 - विष्णो  र्नामसहस्रस्य
  •   21 - अमृतां  शूद्भवो
  •   22 - विष्णुं  जिष्णुं
  •   23 - अस्य  श्रीविष्णोः
  • ध्यानम्
      24 - क्षीरोदन्वत्‌  प्रदेशे
  •   25 - भूः  पादौ
  •   26 - शांताकारं  भुजगशयनं
  •   27 - मेघश्यामं  पीतकौशेयवासं
  •   28 - सशंखचक्रं  सकिरीटकुंडलं
  • श्लोकालु-
      1 - विश्वं  विष्णु
  •   2 - पूतात्मा  परमात्मा
  •   3 - योगो  योगविदां
  •   4 - सर्व  श्शर्व
  •   5 - स्वयंभू  श्शंभु
  •   6 - अप्रमेयो  हृषीकेशः
  •   7 - अग्राह्य  श्शाश्वतः
  •   8 - ईशानः  प्राणदः
  •   9 - ईश्वरो  विक्रमी
  •   10 - सुरेश  श्शरणं
  •   11 - अज  स्सरेश्वर
  •   12 - वसु  र्वसुमना
  •   13 - रुद्रो  बहुशिरा
  •   14 - सर्वग  सर्ववि
  •   15 - लोकाध्यक्ष  स्सुराध्यक्षो
  •   16 - भ्राजिष्णु  र्भोजनं
  •   17 - उपेंद्रो  वामनः
  •   18 - वेद्यो  वैद्य
  •   19 - महाबुद्धि  र्महावीर्यो
  •   20 - महेष्वासो  महीभर्ता
  •   21 - मरीचि  र्दमनो
  •   22 - अमृत्यु  स्सर्वदृक्‌
  •   23 - गुरु  र्गुरुतमो
  •   24 - अग्रणीः  ग्रामणी
  •   25 - आवर्तनो  निवृत्तात्मा
  •   26 - सुप्रसादः  प्रसन्नात्मा
  •   27 - असंख्येयोऽप्रमेयात्मा  विशिष्ट
  •   28 - वृषाही  वृषभो
  •   29 - सुभुजो  दुर्धरो
  •   30 - ओजस्तेजो  द्युतिधरः
  •   31 - अमृतांशूद्भवो  भानुः
  •   32 - भूतभव्य  भवन्नाथः
  •   33 - युगादिकृ  द्युगावर्तो
  •   34 - इष्टो  विशिष्ट
  •   35 - अच्युतः  प्रथितः
  •   36 - स्कंदः  स्कंदधरो
  •   37 - अशोक  स्तारण
  •   38 - पद्मनाभोऽरविंदाक्षः  पद्मगर्भः
  •   39 - अतुल  श्शरभो
  •   40 - विक्षरो  रोहितो
  •   41 - उद्भवः  क्षोभणो
  •   42 - व्यवसायो  व्यवस्थानः
  •   43 - रामो  विरामो
  •   44 - वैकुठः  पुरुषः
  •   45 - ऋतु  सुदर्सनः
  •   46 - विस्तारः  स्थावरः
  •   47 - अनिर्विण्ण  स्थविष्ठो
  •   48 - यज्ञ  इज्यो
  •   49 - सुव्रत  स्सुमुख
  •   50 - स्वापनः  स्ववशो
  •   51 - धर्मगुप्  धर्मकृत्‌
  •   52 - गभस्तिनेमि  स्सत्त्वस्थः
  •   53 - उत्तरो  गोपति
  •   54 - सोमपोऽमृतप  स्सोमः
  •   55 - जीवो  विनयिता
  •   56 - अजो  महार्हः
  •   57 - महर्षिः  कपिलाचार्यः
  •   58 - महावराहो  गोविंदः
  •   59 - वेधाः  स्स्वांगोऽजितः
  •   60 - भगवान्‌  भगहा
  •   61 - सुधन्वा  खंडपरशुः
  •   62 - त्रिसामा  सामगस्साम
  •   63 - शुभांग  श्शांतिद
  •   64 - अनिवर्ती  निवृत्तात्मा
  •   65 - श्रीद  श्श्रीशः
  •   66 - स्वक्ष  स्वंग
  •   67 - उदीर्ण  स्सर्वतश्चक्षुः
  •   68 - अर्चिष्मा  नर्चितः
  •   69 - कालनेमि  निहाशौरिः
  •   70 - कामदेवः  कामपालः
  •   71 - ब्रह्मण्यो  ब्रह्मकृत्‌
  •   72 - महाक्रमो  महाकर्मा
  •   73 - स्तव्य  स्स्तवप्रिय
  •   74 - मनोजव  स्तीर्थकरो
  •   75 - सद्गति  स्सत्कृति
  •   76 - भूतावासो  वासुदेवः
  •   77 - विश्वमूर्ति  र्महामूर्तिः
  •   78 - एको  नैक
  •   79 - सुवर्ण  वर्णो
  •   80 - अमानी  मानदो
  •   81 - तेजो  वृषो
  •   82 - चतुर्मूर्ति  श्चतुर्बाहुः
  •   83 - समावर्तो  निवृत्तात्मा
  •   84 - शुभांगो  लोकसारंगः
  •   85 - उद्भव  स्सुंदर
  •   86 - सुवर्ण  बिंदु
  •   87 - कुमुदः  कुन्दरः
  •   88 - सुलभ  स्सुव्रत
  •   89 - सहस्रार्चि  स्सप्तजिह्वः
  •   90 - अणुर्  बृहत्
  •   91 - भारभृत्‌  कथितो
  •   92 - धनुर्धरो  धनुर्वेदो
  •   93 - सत्त्ववान्‌  सात्विक
  •   94 - विहायसगति  र्ज्योतिः
  •   95 - अनंत  हुतभुग्भोक्ता
  •   96 - सनात्  सनातनतमः
  •   97 - अरौद्रः  कुंडली
  •   98 - अक्रूरः  पेशलो
  •   99 - उत्तारणो  दुष्कृतिहा
  •   100 - अनंत  रूपोऽनंतश्रीः
  •   101 - अनादि  र्भूर्भुवो
  •   102 - आधार  निलयो
  •   103 - प्रमाणं  प्राणनिलयः
  •   104 - भूर्भुव  स्स्वस्तरुस्तारः
  •   105 - यज्ञभृत्‌  यज्ञकृत्‌
  •   106 - आत्मयोनि  स्स्वयं
  •   107 - शंखभृत्‌  नंदकी
  •   108 - वनमाली  गदी
  • उत्तर प्रार्थन
      1 - इतीदं  कीर्तनीयस्य
  •   2 - य  इदं
  •   3 - वेदांतगो  ब्राह्मण
  •   4 - धर्मार्धी  प्राप्नुया
  •   5 - भक्तिमान्‌  यस्सदोत्थाय
  •   6 - यशः  प्राप्नोति
  •   7 - न  भयं
  •   8 - रोगार्तो  मुच्यते
  •   9 - दुर्गा  ण्यतितर
  •   10 - वासुदेवाश्रयो  मर्त्यो
  •   11 - न  वासुदेव
  •   12 - इमं  स्तव
  •   13 - न  क्रोधो
  •   14 - द्यौ  स्सचंद्रार्क
  •   15 - ससुरासुर  गंधर्वं
  •   16 - इंद्रियाणि  मनो
  •   17 - सर्वागमाना  माचारः
  •   18 - ऋषयः  पितरो
  •   19 - योगो  ज्ञानं
  •   20 - एको  विष्णु
  •   21 - इमं  स्तवं
  •   22 - विश्वेश्वर  मजं
  • अर्जुन उवाच
      23 - पद्मपत्र!  विशालाक्ष!
  • श्री भगवानुवाच
      24 - यो  मां
  • व्यास उवाच
      25 - वासनात्‌  वासुदेवस्य
  • पार्वत्युवाच
      26 - केनोपायेन  लघुना
  • ईश्वर उवाच
      27 - श्रीराम  राम
  • ब्रह्मोवाच
      28 - नमोऽस्वनंताय  सहस्रमूर्तये
  • संजय उवाच
      29 - यत्र  योगेश्वरः
  • श्री भगवानुवाच
      30 - अनन्या  श्चिंतयंतो
  •   31 - परित्राणाय  साधूनां
  •   32 - आर्ता  विषण्णा
  •   33 - यदक्षर  पदभ्रष्टं
  •   34 - कायेन  वाचा
  •   श्रीमन्नारायणायेति समर्पयामि!