रचयिता: व्यास महर्षि
श्रीश्रीश्री त्रिदंडि चिन्नश्रीमन्नारायण रामानुज जीयर स्वामीजी की दिव्य वाणी से
श्रीमन्नारायणायेति समर्पयामि! सर्वं श्रीकृष्णार्पणमस्तु!!ओं अस्मद् गुरुभ्यो नमः